छठ पूजा की तैयारी में बाधा: कुँवर नदी में गिर रहा सीवेज का गंदा पानी, श्रद्धालुओं को करना पड़ेगा दूषित जल में अर्घ्यदान
दैनिक कांति 24 न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट आज़मगढ़
आज़मगढ़ ब्यूरो रिपोर्ट : बिहार में महत्व रखने वाले छठ पर्व का उत्साह अब उत्तर प्रदेश और देश के कई शहरों में देखने को मिल रहा है। पिछले दस वर्षों से फूलपुर नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी छठ पूजा का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया जा रहा है। नगर के पिपरहवा घाट और रोडवेज मुख्य मार्ग के निकट नागा बाबा सरोवर में छठ मईया की पूजा के लिए वेदी बनाई जाती है, जहां क्षेत्र की महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं।
इस वर्ष 7 नवंबर को छठ पूजा का महापर्व मनाया जाएगा, परंतु घाटों और सरोवरों की सफाई को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। फूलपुर नगर के पिपरहवा घाट के समीप कुँवर नदी में कई स्थानों पर सीवेज का गंदा पानी बहकर गिर रहा है, जिससे नदी दूषित हो गई है। इसी प्रदूषित जल में छठ व्रती महिलाओं को सूर्य देव को अर्घ्य देना पड़ेगा, जो इस पवित्र पर्व के प्रति अनादर की स्थिति को दर्शाता है।
नगर पंचायत और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से नागा बाबा सरोवर भी गंदगी से भरा हुआ है, और सफाई को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छठ पूजा जैसे आस्था के पर्व में मात्र बारह दिन शेष रह गए हैं, और फिर भी घाटों की साफ-सफाई का कार्य लंबित है।
नगर पंचायत फूलपुर के अधिशासी अधिकारी विक्रम कुमार ने बताया कि घाटों की सफाई के लिए एक टीम का गठन किया गया है, और शीघ्र ही सफाई एवं छिड़काव का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोखरे में चूना और फिटकरी भी डलवाए जाने की योजना है, ताकि पूजा के समय जल की स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।
फूलपुर नगर पंचायत एवं सामाजिक संगठनों की ओर से यदि सफाई कार्यों में तत्परता दिखाई जाए तो श्रद्धालुओं को दूषित जल में उतरने की कठिनाई से मुक्ति मिल सकती है।